पेरिस पैरालिंपिक में भारत ने 20 मेडल जीत लिए हैं। यह पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाड़ियों ने छठे दिन मंगलवार को 5 मेडल जीते। सभी एथलेटिक्स में आए। विमेंस 400 मीटर में सबसे पहले दीप्ति जीवांजी ने ब्रॉन्ज जीता। फिर मेंस की एफ-46 कैटेगरी के जैवलिन थ्रो इवेंट में अजीत सिंह ने सिल्वर और सुंदर सिंह गुर्जर ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।
वहीं मेंस टी-42 कैटेगरी के हाई जंप इवेंट में शरद कुमार ने सिल्वर और मरियप्पन थांगावेलु ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। हाई जंप में अमेरिका के ईजरा फ्रेच और जैवलिन थ्रो में क्यूबा के गुलेर्मो गोन्जालेज ने गोल्ड मेडल जीता। हाई जंप में भारत के शैलेश कुमार चौथे स्थान पर रहे, जबकि जैवलिन थ्रो में रिंकू ने पांचवें नंबर पर फिनिश किया।
भारत अब तक 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। 20 मेडल जीतकर भारत फिलहाल 17वें नंबर पर है। चीन पहले, ब्रिटेन दूसरे और अमेरिका तीसरे नंबर पर है। भारतीय प्लेयर्स ने टोक्यो पैरालिंपिक में 19 मेडल जीते थे।
जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने से चूके
मेंस एफ-46 कैटेगरी में भारत के सुंदर सिंह गुर्जर के नाम 68.60 मीटर दूर जैवलिन फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वह 64.96 मीटर दूर ही भाला फेंक सके, जिस कारण उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। जबकि अजीत सिंह ने 65.62 मीटर दूर जैवलिन फेंक कर सिल्वर अपने नाम किया।
क्यूबा के गुलेर्मो गोन्जालेज ने दूसरे अटेम्प्ट में 66.14 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता। भारत के ही रिंकू आखिरी अटेम्प्ट में 61.58 मीटर का बेस्ट थ्रो फेंक कर पांचवें नंबर पर रहे। F-46 कैटेगरी में वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक हाथ नहीं होता या जिनका एक हाथ काम नहीं कर रहा होता।
हाई जंप में 2 मेडल जीते
टी-42 और 63 कैटेगरी के हाई जंप में शरद कुमार ने 1.88 मीटर जंप कर सिल्वर मेडल जीता। जबकि मरियप्पन थांगावेलु ने 1.85 मीटर का जंप कर तीसरा स्थान हासिल किया। अमेरिका के ईजरा फ्रेच 1.94 मीटर जंप कर पहले नंबर पर रहे।
इवेंट में भारत के ही शैलेश कुमार 1.85 मीटर के बेस्ट जंप के साथ चौथे नंबर पर रहे। भारत के तीनों एथलीट्स टी-42 कैटेगरी के हैं। इनमें वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक पैर टूटा हुआ रहता है या वे जिन्हें एक पैर से चलने या दौड़ने में दिक्कत होती है।
दीप्ति जीवांजी ने दिलाया ब्रॉन्ज मेडल
विमेंस टी-20 कैटेगरी की 400 मीटर रेस में दीप्ति जीवांजी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 55.82 सेकेंड में रेस पूरी की। यूक्रेन की यूलिया शुलियार ने 55.16 सेकेंड टाइम के साथ गोल्ड जीता। जबकि तुर्किये की ऐसल ओन्डेर ने 55.23 सेकेंड में रेस पूरी कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
दीप्ति पैरालिंपिक गेम्स के ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी ही एथलीट बनीं। उनसे पहले प्रीति पाल ने टी-35 कैटेगरी की 100 मीटर और 200 मीटर रेस में इसी पैरालिंपिक में 2 ब्रॉन्ज मेडल दिलाए थे। आज अवनी लेखरा 50 मीटर शूटिंग में मेडल जीतने से चूक गईं।
आर्चरी सेमीफाइनल में हारीं पूजा
विमेंस इंडिविजुअल के रिकर्व आर्चरी इवेंट में भारत की पूजा सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकीं। 5 सेट के शुरुआती 2 सेट जीतने के बाद पूजा को चीन की आर्चर ने आखिरी तीनों सेट हरा दिए। चुनयान वु ने 6-4 के अंतर से क्वार्टर फाइनल जीता और सेमीफाइनल में एंट्री की। पूजा से पहले 50 मीटर राइफल शूटिंग फाइनल में अवनी लेखरा 5वें नंबर पर रही थीं।
2 दिन पहले जीते थे 2 गोल्ड
पेरिस पैरालिंपिक में भारत को 5वें दिन का दूसरा गोल्ड जैवलिन थ्रो में सुमित अंतिल ने दिलाया। पैरालिंपिक रिकॉर्ड 70.59 मीटर दूर थ्रो फेंककर उन्होंने गोल्ड जीता। उनसे पहले बैडमिंटन में नितेश कुमार ने गोल्ड जीता था।
बैडमिंटन में भारत ने 5 मेडल जीते
पैरा बैडमिंटन में नितेश कुमार के गोल्ड जीतने के बाद सुहास यथिराज ने सिल्वर मेडल जीता। जबकि विमेंस इवेंट में थुलासिमथी मुरुगेसन ने सिल्वर और मनीषा रामदास ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। देर रात हुए ब्रॉन्ज मेडल मैच में निथ्या श्री सिवान ने SH6 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। निथ्या ने इंडोनेशिया की रीना मार्लिना को 21-14, 21-6 से हराया।
SH6 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए है जिनकी कद छोटा है और वे खड़े होकर मुकाबला कर सकते हैं। इनसे पहले डिस्कस थ्रो में योगेश कथुनिया ने सिल्वर जीता, जबकि आर्चरी में राकेश कुमार और शीतल देवी की जोड़ी ने ब्रॉन्ज दिलाया।
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